महाविद्यालय की स्थापना सन 2005 में हुई थी| महाविद्यालय शांत, स्वच्छ, सुरम्य, ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित है | महाविद्यालय जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर की दूरी पर जनपद के पश्चिम, भीमपुरा – बेलौली मार्ग पर भीमपुरा नंबर -1 चौक से 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है | महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर कला संकाय के अंतर्गत (बी०ए०) हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीतिक विज्ञान, समाजशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, गृह विज्ञान, भूगोल, विषय तथा स्नातकोत्तर स्तर पर कला संकाय के अंतर्गत (एम०ए०) हिंदी, समाजशास्त्र, शिक्षा, गृह विज्ञान, विषयों के अतिरिक्त (बी०एड०) शिक्षा संकाय की भी मान्यता है | महाविद्यालय की स्थापना के समय महाविद्यालय वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध था | इसके उपरांत महाविद्यालय सत्र 2009 -10 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध रहा | वर्तमान समय में महाविद्यालय अपने ही जनपद में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री जननायक चंद्रशेखर जी के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया से संबद्ध होकर सुचारू रूप से संचालित हो रहा है | महाविद्यालय का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के समस्त विद्यार्थियों को गुणवत्ता परक शिक्षा प्रदान करना है |

प्राचार्य संदेश

यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का केंद्र महाविद्यालय है | मुझे पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में भी महाविद्यालय में स्थापित विभिन्न संकायों द्वारा विद्यार्थियों में सफलता हेतु उत्कर्ष के लिए सतत् प्रयास किए जाते रहेंगे |
डॉ अश्वनी कुमार पाण्डेय
प्राचार्य

प्रबंधक संदेश

मुझे हार्दिक प्रसन्नता है कि अपने पिताजी स्वर्गीय कुबेर नाथ सिंह के नाम पर स्थापित महाविद्यालय मेरे अनुज श्री
नन्द किशोर सिंह एवं अनुज बधू शारदा सिंह की देख-रेख में उत्तरोत्तर विकास कर रहा है ।
मुझे आशा है कि महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों में संस्कार व कर्तव्य निष्ठा एवं अनुशासन का पालन करते हुए विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होगा |

श्री राम किशोर सिंह
प्रबंधक

50
PROFESSIONAL INSTRUCTORS
87
NEW COURSES EVERY YEAR
25
LIVE SESSIONS EVERY MONTH
277
REGISTERED STUDENTS